समुद्र की ऊंची लहरों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच हासिल की ऐतिहासिक सफलता, भारत का नाम किया रोशन
मध्यप्रदेश : मध्य प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर और पद्मश्री से सम्मानित सतेंद्र सिंह लोहिया ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) के डोवर से फ्रांस तक 36 किमी लंबे इंग्लिश चैनल को तीसरी बार सफलतापूर्वक पार कर इतिहास रच दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की रात सोशल मीडिया एक्स पर अपने बधाई संदेश में कहा कि अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक एवं पद्मश्री से सम्मानित सत्येंद्र एस. लोहिया एवं उनकी टीम ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) के डोवर से फ्रांस तक 36 किमी लंबे इंग्लिश चैनल की चुनौती को तीसरी बार सफलतापूर्वक पूरी करने में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 घंटे 20 मिनट की इस कठिन तैराकी को तिरंगे के साथ पूरा कर भारतीय पैरा तैराकों ने मध्य प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। इनकी यह उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गाता गाँव के निवासी पद्मश्री एवं अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया 20 सितंबर को अपनी टीम के साथ लंदन पहुंचे थे। उन्होंने 24 सितंबर 2026 को सुबह 8:58 बजे डोवर (इंग्लैंड) से इंग्लिश चैनल पार करने के अभियान की शुरू की थी। यह कठिन तैराकी 21 घंटे 20 मिनट बाद 25 सितंबर को सुबह 6:18 बजे फ्रांस पहुंचकर पूरी हुई। ठंडे पानी, समुद्री धाराओं और लगातार लंबी तैराकी के बावजूद सतेन्द्र ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के साथ यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही लोहिया इंग्लिश चैनल को तीन बार पार करने वाले भारत के पहले तैराक बन गए हैं।
पहली बार 2018 में पार किया था इंग्लिश चैनल
सतेंद्र लोहिया ने पहली बार 24 जून 2018 को इंग्लिश चैनल पार किया था। उन्होंने डोवर से फ्रांस तक की करीब 36 किलोमीटर की समुद्री चुनौती लगभग 12 घंटे 26 मिनट में पूरी की थी।इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओपन-वॉटर स्विमिंग में कई कठिन समुद्री अभियानों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 में उन्होंने भारतीय टीम के साथ कैलिफोर्निया के कैटालिना चैनल को पार किया। 2022 में उन्होंने नॉर्थ चैनल की चुनौती पूरी की, जबकि जुलाई 2023 में इंग्लिश चैनल के टू-वे रिले अभियान का हिस्सा भी बने।
पद्मश्री समेत कई सम्मान
खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सतेंद्र सिंह लोहिया को पद्मश्री 2024 से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें अर्जुन पुरस्कार, विक्रम पुरस्कार और तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। लेकिन सतेंद्र लोहिया के लिए यह अभियान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है।
तीसरा अभियान बना खास
English Channel दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण ओपन-वॉटर स्विमिंग रूट्स में से एक माना जाता है। यहां तैराकों को ठंडे पानी, समुद्री धाराओं, तेज हवाओं और बदलते मौसम जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग पर तीसरी बार अभियान पूरा करना सत्येंद्र सिंह लोहिया के लंबे अनुभव और तैयारी को दर्शाता है।
भारत के लिए गौरव का क्षण
सत्येंद्र सिंह लोहिया की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। यह भारतीय खिलाड़ियों, विशेषकर पैरा-स्विमिंग से जुड़े खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश है।
उनकी यात्रा बताती है कि कठिन परिस्थितियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
सत्येंद्र सिंह लोहिया का यह अभियान युवाओं के लिए भी एक संदेश है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती। इसके लिए लंबे समय तक मेहनत, धैर्य और अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखना पड़ता है।
समुद्र की लहरों के बीच घंटों तक संघर्ष करते हुए मंजिल हासिल करना उनके साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
पूरी टीम को दी जा रही बधाई
इस अभियान की सफलता में सत्येंद्र सिंह लोहिया के साथ पूरी सपोर्ट टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। ऐसे समुद्री अभियानों में तैराक के साथ नाव पर मौजूद टीम लगातार सुरक्षा, दिशा और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करती है।
सत्येंद्र सिंह लोहिया की इस उपलब्धि पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उन्हें और उनकी पूरी टीम को देशभर से बधाइयां मिल रही हैं।






