भिंड में 40 दिन में पैसा दोगुना करने का दावा करने वाला अरोरा एक्स ऐप सवालों के घेरे में, ट्रांजेक्शन अटके; निवेशक परेशान
भिंड। 40 दिनों में निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों से निवेश कराने के आरोपों के बीच अरोरा एक्स (Arora X) ऐप का कारोबार सवालों के घेरे में आ गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले 7 से 8 महीनों से संचालित इस कारोबार का कार्यालय बंद है। वहीं, 14 अक्टूबर से ट्रांजेक्शन अटकने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
कार्यालय बंद होने से बढ़ी निवेशकों की चिंता
जानकारी के मुताबिक, भिंड शहर में अरोरा एक्स ऐप के माध्यम से लोगों को 40 दिनों में पैसा दोगुना करने का दावा कर निवेश के लिए प्रेरित किया गया था। शुरुआती दौर में इस कारोबार में प्रतिदिन लाखों रुपये के लेनदेन की चर्चा थी। बाद में कारोबार का दायरा करोड़ों रुपये प्रतिदिन तक पहुंचने की बात सामने आई। हालांकि, कुल निवेश, लेनदेन और निवेशकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कार्यालय बंद होने और रकम निकालने में परेशानी की खबरों के बाद निवेशक एक-दूसरे से जानकारी जुटा रहे हैं। कारोबार से जुड़े जिम्मेदार लोगों से संपर्क करने की कोशिशें भी की जा रही हैं।
पुलिस तक पहुंचीं शिकायतें, जांच शुरू
मामले को लेकर निवेशकों की शिकायतें सिटी कोतवाली और देहात थाना पुलिस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की है। कारोबार से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से एक नोटिस का जवाब हाईकोर्ट के वकील के माध्यम से दिए जाने की बात कही गई है।
पुलिस कथित तौर पर ऐप से जुड़े नेटवर्क, बैंक खातों और लेनदेन का विवरण जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि निवेशकों से कुल कितनी रकम जमा कराई गई, पैसा किन खातों में पहुंचा और कारोबार से जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही।
झारखंड के मामले से भी जुड़े तारों की जांच
रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने झारखंड के दुमका में अरोरा एक्स के एक संचालक के खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति भी मंगाई है। इसके आधार पर वहां दर्ज मामले और भिंड में सामने आए तथ्यों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
देहात थाना प्रभारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और शिकायतकर्ता भी सामने आए हैं। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
निवेशकों को रकम वापसी का इंतजार
फिलहाल निवेशकों को अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार है। पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कितने लोगों ने निवेश किया, कितनी रकम फंसी हुई है और इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही।






