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मोर्चरी में महिलाओं के शवों से दुष्कर्म : रीवा में कांग्रेस विधायक के आरोप से विवाद, अस्पताल ने किया खारिज

On: September 10, 2026 5:30 PM
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रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) की मोर्चरी को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के एक बयान से विवाद खड़ा हो गया है। सेमरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक मिश्रा ने आरोप लगाया कि अस्पताल की मोर्चरी में सुंदर महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म किया जाता है और पोस्टमॉर्टम के नाम पर मृतकों के परिजनों से पैसे लिए जाते हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

विधायक ने यह दावा रीवा में एक महिला कल्पना मिश्रा और उसके गर्भस्थ शिशु की प्रसव के दौरान हुई मौत के मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान किया। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया।

दो साल पहले एक व्यक्ति से मिली जानकारी का हवाला

अभय मिश्रा ने अपने आरोप के समर्थन में किसी प्रत्यक्ष घटना या दस्तावेजी सबूत का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने करीब दो साल पहले एक व्यक्ति से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि उस व्यक्ति की बहू का पोस्टमॉर्टम होना था। व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी सुंदर बहू का पोस्टमॉर्टम अपनी मौजूदगी में कराने की इच्छा जताई थी।

विधायक के मुताबिक, उसी व्यक्ति ने उन्हें बताया था कि यदि किसी सुंदर महिला की मौत के बाद उसके परिजन मोर्चरी में मौजूद नहीं रहते हैं तो उसके शव के साथ दुष्कर्म किया जाता है। मिश्रा ने बाद में इस दावे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें यह बात उक्त व्यक्ति ने बताई थी। जब उनसे सबूत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं हैं और समाज के लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं।

पुराने कर्मचारियों को हटाने का भी दावा

विधायक ने अपने आरोपों के समर्थन में अस्पताल के पूर्व अधिकारी डॉ. एसके पाठक के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पोस्टमॉर्टम से जुड़े कुछ आरोपों के बाद राकेश और मुन्ना समेत तीन कर्मचारियों को अलग-अलग समय पर हटाया गया था और जांच होने पर तथ्य सामने आ सकते हैं।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार डॉ. एसके पाठक ने अपने कार्यकाल में शव से दुष्कर्म या छेड़छाड़ से जुड़ी किसी घटना अथवा आरोप से इनकार किया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में एक ऐसी घटना सामने आने के बाद शवगृह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था और लंबे समय से वहां तैनात कुछ कर्मचारियों को हटाया गया था।

अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार

संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के वर्तमान सीएमओ डॉ. अलख प्रकाश ने विधायक के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यदि विधायक के पास कोई स्पष्ट सबूत है तो उसे सामने रखा जाना चाहिए। अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों में कोई सत्यता होने से इनकार किया है।

कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में चल रहा विरोध

यह विवाद उस समय सामने आया जब संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में प्रसव के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सरकार ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया था, जबकि अस्पताल के डीन और अधीक्षक को उनके पदों से हटाया गया। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच जारी बताई गई है।

Admin

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