नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश भर में प्रसिद्ध ब्रज की होली के नाम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवती को यह बोलते हुए दिखाया गया है कि होली के नाम पर यहां लड़कियों के प्राइवेट पार्ट को लोग टारगेट करते हैं। वीडियो में कुछ लोगों को पिचकारी से युवतियों के पीछे पानी फेंकते हुए भी देखा जा सकता है। इस वीडियो को इस साल का समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। मथुरा के नंदगांव के एक पुराने वीडियो को अब इस साल वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है। मथुरा पुलिस ने पुराने वीडियो को वायरल करने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ केस भी दर्ज किए हैं। वायरल वीडियो 2024 का है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘रियाज आलम’ ने एक वीडियो अपलोड करते हुए लिखा, “कोई होली वोली नही…बस लड़कियों के प्राइवेट पार्ट को छू रहे हैं…बदतमीज़ी कर रहे हैं… लड़कियों के हिप्स और ब्रेस्ट पर टारगेट कर रहे हैं! यूपी के मथुरा की होली में महिलाओं का दुःख।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई ग्रैब्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च के दौरान असली वीडियो ‘धुमक्कड़ लाडली’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। 25 फरवरी 2026 को अपलोड करते समय इसे 2024 का नंदगांव का वीडियो बताया गया।

सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो का बड़ा वर्जन ‘धुमक्कड़ लाडली’ नाम के ही यूट्यूब चैनल पर मिला। इसे 25 मार्च 2024 को अपलोड करते हुए बताया गया कि नंदगांव में 2024 में महिला यूट्यूबर को किस प्रकार के अनुभव से गुजरना पड़ा।
सर्च के दौरान हमें आजतक की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 2 मार्च 2026 की इस खबर में बताया गया कि मथुरा की 5000 वर्ष पुरानी परंपरा लट्ठमार और लड्डू होली की छवि खराब करने की कोशिश करने वाले सात यूट्यूबर्स अब पुलिस के शिकंजे में हैं। इन लोगों ने पुराने वीडियो को वायरल किया।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, मथुरा के ईपेपर को स्कैन किया। हमें एक मार्च 2026 की एक खबर मिली। इस खबर में बताया गया कि ब्रज की होली को बदनाम करने के लिए इंटरनेट मीडिया पर की गई साजिश पर पुलिस का एक्शन हुआ है। बरसाना की लठमार होली, वृंदावन और मथुरा में रंगभरनी एकादशी के दौरान महिलाओं व युवतियों के साथ जबरन रंग लगाने और अभद्रता से जुड़े पुराने वीडियो फिर से प्रसारित करने के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पुराने वीडियो को इस साल का बताकर प्रसारित किया गया है।

मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा है कि ब्रज की परंपरा के नाम पर अव्यवस्था फैलाने या पुरानी घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वास न्यूज से बातचीत में दैनिक जागरण, मथुरा के संपादकीय प्रभारी विनीत मिश्रा ने बताया कि वायरल वीडियो पुराना है और इंटरनेट पर 2024 से मौजूद है।
सर्च के दौरान हमें दैनिक जागरण, मथुरा के 2 मार्च के संस्करण में एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि ब्रज के गोवर्धन में परिक्रमा लगा रही महिला श्रद्धालुओं पर जबरन गुलाल फेंककर हुड़दंग करने वाले आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गोवर्धन के थाना प्रभारी भगवत सिंह गुर्जर ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर कुछ युवक, श्रद्धालुओं पर जबरन रंग डालकर अव्यवस्था फैला रहे थे। शिकायत पर पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है।

पड़ताल के अंत में पुराने वीडियो को अब वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि रियाज आलम नाम के इस यूजर को फेसबुक पर 7,000 लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में मथुरा में महिलाओं के साथ होली में अभद्रता के नाम पर वायरल वीडियो 2024 का निकला। इस वीडियो को अभी का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
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