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Fact Check: राजस्थान में हुए प्रदर्शन से संबंधित वीडियो को किया जा रहा UGC से जोड़कर वायरल  

Published on: 01/30/2026
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नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन) को लेकर देश के कुछ हिस्‍सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन नए नियमों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी।

वहीं, इसी बीच सोशल मीडिया पर मीडिया पर एक वीडियो को वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है और पुलिस बैरिकेड के साथ प्रदर्शनकारियों को रोकती हुई नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है यह UGC के खिलाफ सवर्ण छात्रों का प्रदर्शन है।

विश्वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। 27 जनवरी 2026 का यह वीडियो उस वक्त का है जब राजस्थान के जालोर जिले में झाब पंचायत समिति को निरस्त किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन लोगों ने किया था।

 क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर कपिल सहगल ने 29 जनवरी 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “UGC के खिलाफ सवर्ण छात्रों का उग्र प्रदर्शन, भाजपा के लिए खतरे की घंटी, भाजपा ने सोचा नहीं होगा कि कभी इतना बड़ा विरोध झेलना पड़ेगा। अभी तो यह शुरुआत है आगे देखो होता है क्या?”.

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।  

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो की फ्रेम को सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो ‘बालाजी न्यूज शाहपुरा’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 27 जनवरी 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। दी गई जानकारी के अनुसार, यह वीडियो राजस्थान के जालोर का है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें ‘पत्रिका डॉट कॉम’ पर भी इस मामले से जुड़ी खबर मिली। खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, “झाब पंचायत समिति को निरस्त कर भादरुणा को पंचायत समिति बनाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार को जालोर पहुंचे। कलक्ट्रेट पहुंचने पर भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की, जिस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 15 मिनट तक धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति संभाली। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर झाब पंचायत समिति को बहाल करने की मांग की।”

27 जनवरी 2026 की नवभारत टाइम की खबर में बताया गया, “राजस्थान के जालोर जिले की झाब पंचायत समिति को निरस्त किए जाने के विरोध में मंगलवार को झाब सहित 24 गांवों के लोग जालोर जिला मुख्यालय पहुंचे। ‘झाब बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता अपने निजी वाहनों से जालोर आए और कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष महेंद्रसिंह के नेतृत्व में आंदोलन किया गया।”

वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में राजस्थान के वरिष्ठ संवाददता नरेंद्र शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो जालोर का है और इसका यूजीसी प्रदर्शनों से संबंध नहीं है।

क्‍या है UGC विवाद?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन) को लेकर देश के कई हिस्‍सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। नए नियम में अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ- साथ ओबीसी को भी जोड़ा गया है और दुरुपयोग होने पर कार्रवाई जैसा प्रावधान हटा दिया गया है। जिसके कारण इसका सबसे ज्‍यादा विरोध हो रहा है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर कपिल सहगल की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को आठ हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। 27 जनवरी 2026 का यह वीडियो राजस्थान का है और यह उस वक्त का वीडियो है, जब राजस्थान के जालोर जिले में झाब पंचायत समिति को निरस्त किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन लोगों ने किया था।

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