नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान सोशल मीडिया पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जोड़कर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें फायरफाइटर्स को एक घर में लगी आग को बुझाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि ईरान के मिसाइल हमले में नेतन्याहू के घर में आग लग गई, जिसमें उनके भाई इद्दो नेतन्याहू की मौत हो गई।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो अमेरिका का है, जहां एक घर में आग लग गई थी। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के पहले की यह घटना है। इस वीडियो का इस युद्ध से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Shan Ali’ ने 10 मार्च 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया और लिखा, “ब्रेकिंग: ईरान के मिसाइल हमले में नेतन्याहू के पारिवारिक घर को निशाना बनाया गया, रिपोर्ट्स के अनुसार उनके भाई इद्दो नेतन्याहू की मौत।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वायरल वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। यह तस्वीर हमें ‘ब्रेकिंगएसी’ वेबसाइट पर अपलोड रिपोर्ट में मिली। 10 फरवरी 2026 को अपलोड खबर के अनुसार, “गैलोवे टाउनशिप के एक घर में आग लगी। प्रॉपर्टी और आसपास के इलाकों में जमी बर्फ की वजह से फायरफाइटर्स का काम और मुश्किल हो गया था। हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। आग तेजी से फैली और बुझाने में घंटों लग गए। आग लगने के कारण की जांच अभी चल रही है, लेकिन यह संदिग्ध नहीं लग रहा है।” खबर के साथ लिखा है कि रिपोर्ट को 9 फरवरी 2026 को लिखा गया और इसे बाद में अपडेट किया गया था।
खबर के साथ ही ‘hcbphotography’ फेसबुक अकाउंट पर 9 फरवरी 2026 को अपलोड हुआ वीडियो भी पोस्ट किया गया है। यह वायरल वीडियो ही है। इसमें भी जगह का नाम ‘पार्क प्लेस, गैलोवे, न्यू जर्सी’ दिया गया है। कमेंट में यूजर ने इस घर के मालिक का नाम भी बताया है।

हमने इस पते को गूगल मैप्स पर सर्च किया तो हमें इस घर की तस्वीर मिली। कोलाज में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट और गूगल मैप्स पर मिली तस्वीर को देखा जा सकता है।

‘ग्लोबल कॉनफ्लिक्ट ट्रैकर’ की वेबसाइट पर 2 मार्च को अपडेट की गई जानकारी के अनुसार, “28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने कई हफ्तों की सैन्य तैयारी के बाद ईरान पर बड़ा हमला किया। ट्रुथ सोशल पोस्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकना और ‘ईरानी शासन से आने वाले खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना’ है। इसके बाद ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित पूरे मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई है।”

इससे यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो युद्ध शुरू होने से पहले का है और अमेरिका के न्यू जर्सी में हुए एक हादसे का है।
इसके बाद हमने गूगल पर कीवर्ड से नेतन्याहू के भाई की मौत के बारे में सर्च किया, लेकिन कोई भरोसेमंद रिपोर्ट नहीं मिली।
‘द जेरूसलम पोस्ट’ की वेबसाइट पर 10 मार्च को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने 9 मार्च को एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसमें प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मारे जाने या घायल होने के झूठे दावे को बढ़ावा दिया गया। इस रिपोर्ट में नेतन्याहू पर हमले या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि का कोई सबूत नहीं दिया गया। रिपोर्ट में रूसी मीडिया के जरिए यूएस के पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर स्कॉट रिटर के एक दूसरे दावे का भी जिक्र था, जिसमें आरोप लगाया गया कि ईरान ने नेतन्याहू के ठिकाने पर बमबारी की थी और उनके भाई मारे गए। तस्नीम ने खुद कहा कि इस अनुमान की न तो आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही इनकार किया गया है। यह पहली बार नहीं है, जब युद्ध के दौरान नेतन्याहू के ठिकाने के बारे में ईरानी दावे सामने आए हैं। इससे पहले ईरानी सेना ने दावा किया था कि नेतन्याहू की स्थिति साफ नहीं है, जबकि नेतन्याहू के ऑफिस ने इस कथित हमले को ‘फेक न्यूज’ बताकर खारिज कर दिया था।”

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के भाई इद्दो की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही इसकी आधिकारिक सूचना आई है।
क्या है संदर्भ?
28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध, 12 मार्च को 13वें दिन भी जारी रहा। अलजजीरा की 12 मार्च की रिपोर्ट के अनुसार, “ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं, क्योंकि तेहरान ने एनर्जी मार्केट में रुकावट डालने के लिए हमले तेज कर दिए हैं, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है। यूनाइटेड नेशंस में ईरान के प्रतिनिधि, आमिर सईद इरावानी के अनुसार, 12 मार्च को युद्ध के 13वें दिन में कम से कम 1,348 आम नागरिक मारे गए हैं। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने जंग खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं- तेहरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता, हर्जाना देना और भविष्य में हमलों के खिलाफ पक्की इंटरनेशनल गारंटी।”
असंबंधित वीडियो शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले यूजर के चार हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: इजरायली पीएम नेतन्याहू के घर पर हमले के दावे से वायरल वीडियो अमेरिका में हुए एक हादसे का है और युद्ध शुरू होने से पहले का है।
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