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Fact Check: ट्रंप की नीतियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन को किया जा रहा एपस्‍टीन फाइल्स से जोड़ते हुए वायरल

Published on: 02/10/2026
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में अपराधी जेफरी एपस्टीन की जांच से जुड़े लगभग तीन मिलियन पेज के दस्तावेज, हजारों वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं। इन दस्‍तावेजों में कई मशहूर हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इसी बीच दो अलग-अलग क्लिप से बना एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर दावा कर रहे हैं कि एपस्‍टीन फाइल्स में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का नाम आने के बाद यह प्रदर्शन हुआ है।  

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है। वायरल हो रहे वीडियो की पहली क्लिप अक्टूबर 2025 की और दूसरी जनवरी 2026 की है। दोनों ही वीडियो अमेरिका में ट्रंप की नीतियों के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन के दौरान की हैं।  

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘खलील अहमद’ ने वायरल हुए पोस्ट को 8 फरवरी 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा, “Epstein Files:में ट्रंप का नाम आने के बाद Trump Tower के सामने लोगों का विरोध प्रदर्शन ll”

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो की पहली क्लिप के की-फ्रेम्स को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट  किया हुआ मिला। ‘न्यूज जोन 360’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो को 10 जनवरी 2026 को अपलोड किया गया था। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, यह ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन का वीडियो है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें यह वीडियो ‘thetrid.ent’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया हुआ मिला। इस वीडियो को 19 अक्टूबर 2025 को अपलोड किया गया था। साथ में दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, “18 अक्टूबर 2025 को अमेरिका के सभी 50 राज्यों में लाखों लोग राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन में सड़कों पर उतर आए। आयोजकों के मुताबिक यह अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा एकदिवसीय प्रदर्शन था, जिसमें लगभग 70 लाख लोगों ने 2,700 से ज्यादा स्थानों पर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे।”

इसी कड़ी में न्यूज सर्च किए जाने पर हमें दी गार्जियन और बीबीसी की वेबसाइटों पर भी इस प्रदर्शन से संबंधित खबरें मिलीं। 19 अक्टूबर 2025 की खबर में बताया गया, ”अमेरिका में ‘नो किंग्स’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान न्यूयॉर्क सिटी भी प्रमुख केंद्र रहा, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी टाइम्स स्क्वायर सहित शहर के कई हिस्सों में जुटे।

दूसरी क्लिप

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो की दूसरी क्लिप को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। इस क्लिप में प्रदर्शनकारियों को ट्रंप टावर के बाहर देखा जा सकता है। सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो ‘newsnview’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 16 जनवरी 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। मौजूद जानकारी के अनुसार, ”जनवरी 2026 में न्यूयॉर्क सिटी में हजारों प्रदर्शनकारी ‘नो वॉर, नो किंग्स, नो ICE’ मार्च में शामिल हुए। यह मार्च फिफ्थ एवेन्यू पर स्थित ट्रंप टॉवर के पास से गुजरा, जहां लोगों ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने युद्ध, सख्त इमिग्रेशन नीतियों और प्रशासन के फैसलों के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपनी असहमति जाहिर की।”

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें ‘ABS-CBN News’ के वेरिफाइड यूट्यूब चैनल पर भी ट्रंप टावर के बाहर हुए प्रदर्शन का वीडियो मिला। 21 जनवरी 2026 के वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, ”20 जनवरी को न्यूयॉर्क में ट्रंप टॉवर के सामने सड़क पार बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। यह प्रदर्शन डोनल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता में लौटने के एक साल पूरे होने के मौके पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘इम्पीच ट्रंप’, ‘नो किंग्स’ और ‘स्टैंड अप – वॉक आउट – फ्री अमेरिका’ जैसे पोस्टर और बैनर दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप को पद से हटाने की मांग की और उनकी सरकार की नीतियों की आलोचना की।

अब बारी थी वायरल पोस्ट के दावे की पुष्टि करने की। हमने दैनिक जागरण में अंतर्राष्ट्रीय मामलों को कवर करने वाले वरिष्ठ संवाददाता जय प्रकाश रंजन से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि एपस्‍टीन फाइल्स में राष्ट्रपति ट्रंप का नाम आने के बाद इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं हुआ है। हालांकि, ट्रंप के खिलाफ अमेरिका में कई प्रदर्शन हो रहे हैं।  

क्या हैं एपस्‍टीन फाइल्स?

अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्‍टीन से संबंधित लाखों पन्नों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फाइल्स में टेक्स्ट, वीडियो और फोटो शामिल हैं, जिनमें कई प्रभावशाली हस्तियों के एपस्‍टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल के साथ संबंधों का जिक्र है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ”एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है. लेकिन मृत्यु के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन फ़ाइल्स से जुड़े 30 लाख नए दस्तावेज़ जारी किए गए हैं. कुछ सामग्री पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं. इससे पहले कमिटी से एपस्टीन की संपत्ति के हज़ारों दस्तावेज़ आए, जिनमें ज्यादातर ईमेल थे. सितंबर 2025 में एक बर्थडे बुक जारी हुई, जिसमें ट्रंप के नाम वाला एक नोट था. हालांकि, ट्रंप ने यह नोट लिखने से इनकार किया.”

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर खलील अहमद  की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 14 हजार लोग फॉलो करते हैं। वहीं, बायो के अनुसार, वह दिल्ली का रहने वाला है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है। वायरल हो रहे वीडियो की पहली क्लिप अक्टूबर 2025 की और दूसरी जनवरी 2026 की है। दोनों ही वीडियो अमेरिका में ट्रंप की नीतियों के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन के दौरान की हैं।  

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