नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के एक स्कूल में लगभग 11 से 12 साल की ईसाई बच्ची को उसके टीचर ने अलग कमरे में ले जाकर प्लास्टिक की पाइप से मारा। वीडियो के साथ पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि बच्ची का अपराध सिर्फ यह था कि उसने गले में ईसाइयों का क्रॉस पहन रखा था।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पाकिस्तान का नहीं, बल्कि इराक का है और इसमें बच्ची को उसके पिता पीट रहे हैं, टीचर नहीं। वायरल हो रहा दावा फर्जी है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
एक्स यूजर ‘कंगना यादव’ ने 20 जनवरी को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “पाकिस्तान से सामने आए एक वीडियो ने झकझोर दिया है। करीब 11–12 साल की एक बच्ची को स्कूल में अलग कमरे में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। बताया जा रहा है कि प्लास्टिक के पाइप से मारने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका शिक्षक था। उस बच्ची का “अपराध” सिर्फ़ इतना था कि वह ईसाई समुदाय से है और स्कूल में गले में क्रॉस पहनकर गई थी। धर्म के नाम पर हिंसा और नफ़रत, किसी भी समाज को खोखला कर देती है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और बच्चों के अधिकार—ये सिर्फ़ कानून नहीं, इंसानियत का सवाल हैं।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।
पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के फ्रेम्स को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च किया। सर्च में यह वीडियो कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मिला। हमें लीबिया अल-अज नाम के एक फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो के फ्रेम मिले। 31 अक्टूबर 2025 की इस पोस्ट में लिखा है कि यह घटना इराक की है और इसमें बच्ची को उसके पिता मार रहे हैं।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और इस मामले से जुड़ी कई रिपोर्ट्स भी हमें मिलीं। ‘alkompis.se’ की 30 अक्टूबर 2025 की खबर के अनुसार, यह वीडियो इराक का है और बच्ची से निर्ममता से पेश आ रहा व्यक्ति उसका पिता है। खबर में बताया गया है कि इराक में बगदाद के इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया।
न्यूज वेबसाइट ‘kashqol.com’ पर भी इस मामले से जुड़ी खबर 1 नवंबर 2025 को पब्लिश की हुई मिली। यहां बताया गया कि, इराक में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियोक्लिप के बाद पुलिस और अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए उस पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लगभग सात साल की अपनी बेटी को बेरहमी से मारते हुए इस शख्स का वीडियो वायरल हुआ था। रुसाफा पुलिस कमान ने आधिकारिक बयान में कहा कि वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद संदिग्ध की पहचान कर उसे कानून के तहत हिरासत में ले लिया गया और पीड़ित बच्ची की सुरक्षा और देखभाल के लिए संबंधित संस्थाओं को सौंप दिया गया ।
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने पाकिस्तान के पाकिस्तान के पत्रकार आदिल अली से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो पाकिस्तान का नहीं है और न ही हाल-फिलहाल ऐसा कोई मामला सामने आया है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले एक्स यूजर ‘कंगना यादव’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस यूजर को एक हजार से ज्यादा लोग एक्स पर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया गया कि यह वीडियो पाकिस्तान का नहीं, बल्कि इराक का है और इसमें बच्ची को उसके पिता पीट रहे हैं, टीचर नहीं। वायरल हो रहा दावा फर्जी है।
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