नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका की एक तस्वीर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में एक बड़े इलाके में हजारों लोगों की भीड़ को देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर करते हुए कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह मंजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों का है। कुछ पोस्ट में इसे मौजूदा राजनीतिक हालात और सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। वायरल हो रही यह तस्वीर हाल की नहीं, बल्कि साल 2018 की है। यह तस्वीर अमेरिका में गन हिंसा के खिलाफ आयोजित ‘मार्च फॉर आवर लाइव्स’ आंदोलन के दौरान ली गई थी। करीब सात साल पुरानी तस्वीर को डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदा नीतियों या हालिया प्रदर्शनों से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर ‘नीरज कुमार’ ने 12 जनवरी को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ये जो रोड पर प्रोटेस्ट दिख रहा है है… ये अमेरिका के डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ़ है।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल तस्वीर को सर्च किया। सर्च में हमें यह फोटो कई न्यूज वेबसाइट पर अपलोड की हुई मिली। वॉक्स डॉट कॉम पर 25 मार्च 2018 की खबर के अनुसार, वाशिंगटन डीसी की यह तस्वीर गन वॉयलेंस के खिलाफ अमेरिका में निकाले गए मार्च से सम्बंधित है।
इसी बुनियाद पर न्यूज सर्च किए जाने पर हमें द ग्लोब एंड मेल की न्यूज वेबसाइट पर 25 मार्च 2018 का एक ओपिनियन आर्टिकल मिला। यह लेख अमेरिका में बड़े पैमाने पर हुए विरोध मार्चों, खासकर ‘मार्च फॉर आवर लाइव्स’ जैसे प्रदर्शनों पर लिखा गया है। बताया गया कि इन आंदोलनों ने अमेरिकी गन पॉलिटिक्स (बंदूक नीति) में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव दिखाया है। युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों ने बंदूक हिंसा को केवल सामाजिक चिंता से आगे बढ़ाकर एक मजबूत राजनीतिक और चुनावी मुद्दा बना दिया है। इससे नीति-निर्माताओं, राजनीतिक दलों और सार्वजनिक बहस पर दबाव बढ़ा है, जो संकेत देता है कि अमेरिका में बंदूक नियंत्रण को लेकर सोच और राजनीति अब पहले जैसी नहीं रही।

mashable डॉट कॉम की 27 मार्च 2018 में खबर में वायरल तस्वीर को शेयर गया है। वहीं, खबर में बताया गया कि क्राउड काउंटिंग कंसोर्टियम के शोधकर्ताओं एरिका चेनोविथ और जेरेमी प्रेसमैन का अनुमान है कि शनिवार को हुए ‘मार्च फॉर आवर लाइव्स’ प्रदर्शन में अमेरिका भर में 12.5 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
वायरल तस्वीर से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करने वाले सीनियर संवाददता जय प्रकाश रंजन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि इस वक्त अमेरिका में सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन यह तस्वीर पुरानी है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की 12 जनवरी 2026 के अनुसार, न्यूयॉर्क के फिफ्थ एवेन्यू पर हजारों लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमीग्रेशन नीतियों, ICE की कार्रवाई और वेनेज़ुएला में अमेरिकी दखल के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “नो जस्टिस, नो पीस” जैसे नारे लगाए। आयोजकों के मुताबिक देशभर में 1,000 से ज्यादा प्रदर्शन हुए हैं।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘नीरज कुमार’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर के बायो के अनुसार, वह बिहार के रहने वाले हैं।
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