नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूपी की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस को एक युवक के साथ बदसलूकी करते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वीडियो में चंद्रशेखर आजाद हैं। पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की। इस वीडियो को चंद्रशेखर का समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। दावा भ्रामक साबित हुआ। वीडियो में चंद्रशेखर आजाद नहीं है। वीडियो पिछले साल अगस्त का है, जब सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े कुछ निर्देश दिए थे। जिसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। ।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर संदीप राज ने 11 जनवरी 2026 को एक वीडियो अपलोड करते हुए लिखा, “चंद्रशेखर गला दबाया गया। जय भीम सारे भाइयों को वीडियो शेयर और कमेंट करें ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए पुलिस वालों को।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सांसद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए इस क्लिप को ध्यान से देखा। इसमें हमें यह अजीब नजर आया कि उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच वीडियो में कोई भी पुलिसकर्मी सर्दी के कपड़े पहने हुए नहीं दिखाई दिया। इससे हमें वीडियो के पुराने होने का शक हुआ।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कई ग्रैब्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें सबसे पुराना वीडियो एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। 17 अगस्त 2025 को अपलोड इस वीडियो को सेव दिल्ली डॉग्स जैसे कीवर्ड के साथ पोस्ट किया गया था।
सांसद चंद्रशेखर का बताकर जिस वीडियो को वायरल किया जा रहा है, उसके ऊपर हमें animals_dogs_care लिखा हुआ नजर आया। इस अकाउंट को सर्च करने पर हमें एक इंस्टाग्राम हैंडल मिला। यहां सर्च करने पर हमें असली वीडियो 16 अगस्त 2025 को अपलोड मिला।
अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो का चंद्रशेखर से कोई संबंध नहीं है। यह पिछले साल का डॉग लवर्स के प्रदर्शन का वीडियो है।
अब हमें यह जानना था कि क्या हाल-फिलहाल में सांसद चंद्रशेखर की पुलिस से कोई झड़प हुई है। सर्च के दौरान हमें 10 जनवरी 2026 का एक वीडियो मिला। अमर उजाला के यूट्यूब चैनल पर अपलोड इस वीडियो के साथ बताया गया कि दिल्ली से मेरठ जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद शनिवार दोपहर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। चंद्रशेखर मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव की ओर जा रहे थे। इनका काफिला जैसे ही यूपी गेट पहुंचा, पुलिस ने गाड़ियों को रोक दिया। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद कार से उतर आए और पैदल ही मेरठ की ओर बढ़ने लगे। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग हटाने से इनकार करने पर माहौल गर्मा गया। जब इंदिरापुरम थाना प्रभारी रविंद्र गौतम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो पुलिस और सांसद के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और खींचतान में बदल गई।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल के दौरान नगीना सांसद चंद्रशेखर से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में वे नहीं हैं। किसी और का वीडियो उनके नाम पर वायरल किया जा रहा है।
दैनिक जागरण, मेरठ के 11 जनवरी 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि चंद्रशेखर को रोकने के लिए गाजियाबाद पुलिस यूपी गेट से मोदीनगर तक दौड़ती रही। मेरठ काशी टोल प्लाजा पर जब उन्हें रोका गया, तो वह धरने पर बैठ गए।

पड़ताल के अंत में हमने फेसबुक यूजर की जांच की। पता चला कि संदीप राज नाम के इस यूजर को तीन हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में डॉग लवर्स ने विरोध प्रदर्शन किया था। उसी से जुड़े एक वीडियो को अब नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद का बताकर वायरल किया जा रहा है।
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