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Fact Check: वॉट्सऐप और फोन कॉल के नए “संचार नियम” के लागू होने का फर्जी दावा हुआ फिर से वायरल

Published on: 12/29/2025
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर फरवरी 2024 के बाद अब एक बार फिर से एक इन्फोग्राफिक्स तेजी से वायरल हो रहा है। इस इन्फोग्राफिक्स के जरिए दावा किया जा रहा है कि सरकार नए संचार नियम लागू करने वाली है, जिसके तहत सभी तरह की कॉल रिकॉर्ड की जाएंगी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि किसी मैसेज पर सरकार संज्ञान लेती है, तो वॉट्सऐप पर उस मैसेज के साथ तीन नीली लाइन दिखाई देंगी, जबकि आम तौर पर वॉट्सऐप पर मैसेज डिलीवर होने पर डबल टिक ही नजर आता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि न तो कोई “नया  संचार नियम” लागू होने वाले है और न ही सरकार ने ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिससे सीधे-सीधे आपके फोन कॉल, चैट या सोशल मीडिया की निगरानी शुरू होगी। फरवरी 2024 में भी यह दावा वायरल हो चुका है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

सोशल मीडिया यूजर ‘कल्पना देवी’ ने वायरल इन्फोग्राफिक्स (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिसमें लिखा हुआ है, “कल से लागू होंगे व्हाट्सएप और फोन कॉल के नए संचार नियम।”

पड़ताल

यह दावा इससे पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका  है। वायरल दावे की पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले गूगल न्यूज सर्च किया। सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, अगर ऐसी कोई खबर सच होती तो इंटरनेट पर जरूर मौजूद होती।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल ग्राफिक्स में पहला दावा सरकार “संचार के नए नियम” लागू करने जा रही है, को लेकर सर्च किया। न्यूज सर्च में हमें ऐसी कोई भी रिपोर्ट्स नहीं मिली, जिसमें संचार के “नए नियम” को अगले कुछ दिनों में लागू किए जाने का जिक्र हो।

सर्च में हमें “द टेलीकम्युनिकेशंस बिल, 2023” मिला। पीआरएस इंडिया.ओआरजी की वेबसाइट पर इस बिल और उसके प्रावधानों का जिक्र है। इस बिल के प्रावधान के मुताबिक, निश्चित आधार पर ही दो या अधिक व्यक्तियों के बीच होने वाले मैसेज को इंटरसेप्ट, मॉनिटर या ब्लॉक किया जाएगा। इन आधारों में राज्य की सुरक्षा, अन्य देशों के साथ मित्रवत संबंध, कानून-व्यवस्था और हिंसा भड़काने से रोका जाना शामिल है और इन्हीं आधारों पर टेलीकॉम सेवाओं को निलंबित भी किया जा सकता है।

आगे की पड़ताल में हमने पाया कि सरकार की तरफ से भी इस दावे का खंडन किया जा चुका  है।

जांच के दौरान यह दावा भी भ्रामक पाया गया। वॉट्सऐप की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर ट्रिपल टिक जैसी कोई सुविधा मौजूद नहीं है। वॉट्सऐप में एक टिक मैसेज भेजे जाने को दर्शाता है, दो टिक मैसेज के डिलीवर होने को, जबकि दो टिक का नीला होना यह संकेत देता है कि मैसेज पढ़ लिया गया है।

इससे पहले वायरल हुई इस पोस्ट को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशंस को कवर करने वाले विशेष संवाददाता राजीव कुमार से संपर्क किया था। उन्होंने बताया था कि ऐसा कोई नियम लाए जाने का दावा गलत है। उन्होंने कहा था, “जहां तक निगरानी की बात है,तो हाल ही में पारित टेलीकम्युनिकेशंस बिल में इससे संबंधित प्रावधान पुराने कानून के ही प्रावधान हैं और उन्हें लागू किए जाने का निश्चित आधार है।”

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि  यूजर को 24 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि न तो कोई “नया  संचार नियम” लागू होने वाले है  और न ही सरकार ने ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिससे सीधे-सीधे आपके फोन कॉल, चैट या सोशल मीडिया की निगरानी शुरू होगी।

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