बांग्लादेश की गारमेंट फैक्ट्री में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग पर पुलिस ने कहा है कि अगर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से उन्हें समय पर जानकारी दी जाती तो उसकी जान बच सकती थी. इधर पुलिस ने कहा है कि उन्हें ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिससे ये पता चलता हो कि उसने किसी की भावनाएं आहत की हो.
दीपू के साथी वर्कर ही बने दुश्मन, इस्तीफे पर भी नहीं हुए शांत… बांग्लादेश लिंचिंग की खौफनाक कहानी
By Itihas News
Published on: 12/22/2025



