उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश द्वारा शासकीय महाविद्यालय में रिक्त पदों की विरुद्ध अतिथि विद्वानों की भर्ती के लिए समय सारिणी जारी की थी जिसकी चॉइस फिलिंग 18 अक्टूबर से प्रारंभ होनी थी लेकिन उच्च शिक्षा विभाग भोपाल ने नियत समय पर समय सारिणी निरस्त कर दी ।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी विभाग ने दो बार चॉइस फिलिंग के लिए समय सारिणी जारी की ओर नियत समय पर निरस्त कर दी ।उच्च शिक्षा विभाग की इस छवि ने अभ्यर्थियों के मन में रोष उत्पन्न कर दिया है। आपको बता दे ये भर्ती प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से टाली जा रही है मध्य प्रदेश की शासकीय महाविद्यालय में अध्ययन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा योग्य शिक्षकों के अभाव में नहीं दी जा रही है।
कभी पी एस सी से नियुक्त और कभी पूर्व से कार्यरत अतिथि विद्वानों के रीलोकेशन फॉलेन आउट फिर से रीलोकेशन फॉलन आउट के चक्कर में हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
उच्च शिक्षा विभाग नई भर्ती के लिए समय सारणी निकालता है और उसे आगे के लिए बिना किसी ठोस कारण के टाल देता है । प्रत्येक वर्ष उच्च शिक्षित युवा नेट सेट पीएचडी क्वालिफाइड करके अपने अवसर के इंतजार पर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जिसके तहत 25% रिजर्वेशन कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वानों को दिया जाएगा जिसके लिए हजारों युवा अथिति विद्वान बनने के लिए आवेदन करते हैं लेकिन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जाती है ।
हजारों योग्य उम्मीदवार शासन की इस रवैए से नाखुश, नाराज और चिंतित हैं।
मध्य प्रदेश शासन प्रत्येक वर्ष राज्य पात्रता परीक्षा न जाने कितने पीएचडी नेट क्वालीफाई करके उसे शिक्षित संस्थान में कार्य करने का सपना लिए युवा को अवसर से वंचित किया जा रहा है।
एक लोकतांत्रिक देश में समान अवसर जैसे संवैधानिक अधिकार से युवाओं को वंचित किया जा रहा है।
सत्यापित आवेदको का कहना है यदि उनकी बात नही सुनी गई तो वे भोपाल पहुंचकर आंदोलन करेंगे ।










