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Fact Check: आर्मी के ट्रक एक्‍सीडेंट और शहीदों के ताबूत की पुरानी तस्‍वीरों के जरिए फैलाया जा रहा झूठ

Published on: 10/23/2025
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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक कोलाज वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस कोलाज की पहली तस्वीर में एक आर्मी ट्रक को सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में देखा जा सकता है। वहीं, इस कोलाज की दूसरी तस्वीर में कई शहीदों के तिरंगे से लिपटे ताबूतों को देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि फौज की गाड़ी में आग लगने से 6 जवान के शहीद होने का हालिया मामला सामने आया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस कोलाज में वायरल हो रही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की तस्वीर मई 2024 की है। वहीं, शहीदों के ताबूतों की यह फोटो साल 2013 की है। पुरानी घटनाओं की तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर सुमित भाई ने 16 अक्टूबर को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “गाड़ी में आग लगने से 6 जवान हुए शहीद। यह बेहद दुखद खबर है। सेना की एक गाड़ी में आग लग गई, जिसमें 6 जवान शहीद हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जवानों को बचाया नहीं जा सका। देश ने अपने वीर सैनिकों को खो दिया है। उनके परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

वायरल हो रहे इस कोलाज में दो तस्वीरें हैं, इसलिए हमने अपनी पड़ताल को दो हिस्सों में करने का फैसला किया।

पहली तस्वीर

इस तस्वीर में सड़क पर आर्मी ट्रक को दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में देखा जा सकता है। अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल तस्वीर को सर्च किया। सर्च करने पर हमें यह फोटो 13 मई 2024 को एनडीटीवी की वेबसाइट पर छपे एक आर्टिकल में मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक सैन्य ट्रक और दो अन्य वाहनों की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, कुरावार थाना क्षेत्र के पीलूखेड़ी के पास नेशनल हाईवे -46 पर यह हादसा हुआ।

इसी मामले का न्यूज सर्च किए जाने पर हमें द  प्रिंट की वेबसाइट पर 13 मई 2024 की खबर मिली। खबर में थाना प्रभारी मेहताब सिंह ठाकुर के हवाले से बताया गया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सैन्य ट्रक के एक टायर के फटने के कारण यह टक्कर एक निजी बस और एक एसयूवी से हुई। बस के क्लीनर ओम कोरी (23) और यात्री हरिओम शिवहरे (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए, जिनमें दो सैन्यकर्मी भी शामिल हैं।

इस मामले से जुड़ी खबर हमें नईदुनिया  की वेबसाइट पर भी मिली। 13 मई 2024 की खबर के अनुसार, “सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे सेना के ट्रक, बस व एक कार की टक्‍कर में तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, सेना के ट्रक, क्रेटा कार एवं कमला बस की भोपाल-ब्यावरा हाईवे पर कुरावर थाने के पीलूखेड़ी के समीप सीधी टक्‍कर हो गई। घटना सुबह 9:30 बजे की है।”

दूसरी तस्वीर

दूसरी तस्वीर में तिरंगे में लिपटे कुछ ताबूतों को देखा जा सकता है। तस्वीर की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इस फोटो को क्रॉप करते हुए गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च करने पर हमें वॉइस ऑफ अमेरिका की वेबसाइट पर छपे एक आर्टिकल में यह फोटो मिली। 8 अगस्त 2013 की इस खबर के अनुसार, यह तस्वीर कश्मीर में शहीद हुए पांच भारतीय सैनिकों की है।

इंडियन एक्सप्रेस की 7 अगस्त की खबर के अनुसार, “एक घातक सीमा-पार हमले में पांच भारतीय सेना के जवान शहीद हो गए। सरकार ने बताया कि यह हमला मंगलवार तड़के नियंत्रण रेखा के पास “पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने लोगों और लगभग 20 भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह” द्वारा किया गया था।

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें एनडीटीवी की वेबसाइट पर 8 अगस्त 2013 को इस मामले पर इसी वायरल तस्वीर के साथ एक आर्टिकल मिला। दी गई जानकारी के अनुसार, उस वक्त के रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने पाकिस्तानी सेना पर पांच भारतीय सैनिकों की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला पाकिस्तानी सेना के “विशेष सैनिकों” द्वारा किया गया था। एंटनी ने जोर देकर कहा, “हम सभी जानते हैं कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की सीधी भागीदारी के बिना कुछ नहीं होता।”

फोटो एजेंसी अलामी की वेबसाइट पर भी हमें यह तस्वीर अपलोड की हुई मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, “7 अगस्त 2013 को नई दिल्ली स्थित पालम हवाई अड्डे पर एक श्रद्धांजलि समारोह के दौरान भारतीय सैनिकों ने अपने शहीद साथियों को अंतिम विदाई दी। भारतीय सेना के अनुसार, मंगलवार को विवादित कश्मीर क्षेत्र में सीजफायर लाइन के पास पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा एक गश्ती दल पर गोलीबारी किए जाने से पांच जवान शहीद हो गए तथा एक अन्य घायल हो गया।

आगे की सर्च में हमने हिंदी और अंग्रेजी कीवर्ड का इस्‍तेमाल करते हुए न्यूज सर्च किया, लेकिन हमें हाल ही में फौज की गाड़ी में आग लगने से शहीद हुए सेना के जवानों की हाल- फिलहाल की घटना से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली। 

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में राष्ट्रीय खबरों और डिफेंस को कवर करने वाले वरिष्ठ संवाददता जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की यह तस्वीर पुरानी है, ऐसा कोई मामला हालिया दिनों में सामने नहीं आया है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर सुमित भाई को दो लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर के बायो के अनुसार, वह शाहजहांपुर के रहने वाले हैं।

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